भारतीय ज्‍योतिष के इस परम्‍परागत प्रयोग पर मैं निरंतर कार्यरत हूं आशा है आप भी इससे लाभ प्राप्‍त करेंगे

Sunday, October 11, 2009

महवारी के असहनीय दर्द से मिलेगा जल्द छुटकारा (लेडिज मेन्सुलीन)

महिलाओं को हर महिने में होने वाले रजोस्त्राव की तकलीफ में परमानेंट छुटकारा मिलने लगा है। इस तकलीफ को दूर करने हेतु नरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने रूद्राक्ष से जांच करके एक नये शोध को अंजाम तक पहुंचा कर सफलता प्राप्त की है। महिलाओं की इस तकलीफ को दूर करने के लिये किसी भी प्रकार की कोई दवा का सेवन नहीं करना पड़ता। केवल रूद्राक्ष द्वारा जांच करके रत्न धारण करने मात्र से यह समस्या दूर हो जाती है। इस समस्या के निदान हेतु धारण किये गये रत्न से इंसान (धारक) को अन्य दूसरे किसी भी क्षेत्र में साईड इफेक्टस या नुकसान नहीं होता है। महिलाओं में यह तकलीफ विवाह होने के पूर्व से ही कष्ट दायक रहती है। अधिकतर महिलाओं को प्रतिमाह राजोस्त्राव के दो तीन दिन पहले से दर्द शुरू होकर रजोस्त्राव बंद होने तक रहता है। रजोस्त्राव के दौरान होने वाले दर्द से निजात दिलाने में यह शोध कारगार साबित हुआ है। अभी तक किये गये शोध पूर्ण रूप से सफल हुए हैं। लेडिज मेन्स पेन प्राब्लम साल्व रिसर्च बाई नरेन्द्र कुमार अग्रवाल,दुर्ग (इण्डिया)

Monday, September 28, 2009

धारण किये गये गलत रत्न उतरवाने से लाभ

मैं शिव अग्रवाल राधा होम डेकोरेट फर्निचर खरीदने आया था। फर्निचर देखने के बाद अंकल श्री नरेंद्र अग्रवालजी से मेरी मुलाकात उनकी शॉप में हुई थी, जिसमें मेरी हाथ की रेखा को देखा। मेरी उंगली में पहनी अंगुठी उतारने की सलाह दिया और एक माह के बाद मिलने की सलाह दी। एक माह बाद दोनों अंगुठी उतारने के बाद आर्थिक स्थिति सुधारने लगी। फिर एक माह बाद मुझे अंगुठी पहनने की सलाह दिनांक ८.७.०९
शिवनारायण अग्रवाल
आशानगर दुर्ग
९९२६७०७४४४


ग्रहों से उत्पन्न बिमारी रत्नों से ठीक होती है

दिनांक ८.८.०९ को रूद्राक्ष द्वारा जांच कराने करीब १२:३० बजे आया था। जांच के समय मैं टायगर स्टोन धारण करीब ९ वर्ष पूर्व से किया था। मुझे वात दर्द की तकलीफ थी के लिये डेढ़ वर्ष से डाक्टरी दवा एवं अन्य पद्धति से भी ईलाज करा चुका था। परंतु मुझे अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उक्त तकलीफ के लिये मैं डेढ़ वर्ष से दवा भी खा रहा था। जांच उपरान्त टायगर स्टोन रिंग उतारने को गया था तथा गोमेद धारण करने के लिये अंगुठी बनायी गयी, जिसे इसी दिन शाम ६:५० मिनट पर धारण करना था। जब शाम को धारण करने आया तब तक मुझे मेरे शरीर की तकलीफ में आंशिक आराम लगा। धारण गोमेद के उपरान्त १-२ दिन में ही मुझे तकलीफ मेंइससे मुझे विश्वास हो गया कि कोई भी रत्न उचित परामर्श के अभाव में धारण नहीं करना चाहिए। इससे मैं यह कहता हूं कि मेरे साथ जो हुआ वि आश्चर्य ही नहीं वरन सत्य है।

दिनांक १९.सतीशचंद सुराना
गंजपारा दुर्ग
सेकेट्री सुराना पब्लिक स्कूल दुर्ग
फोन ०७८८ २२१००१६
२३२०७१६




शारीरिक सौंदर्य प्राप्त होते हैं

मैं सुशील सोनी निवासी भिलाई में सहारा समय का रिपोर्टर हूूं, २ वर्ष पूर्व मैं शारीरिक और मानसिक कष्ट के अलावा अन्य समस्याओं को लेकर श्री अग्रवालजी के पास आया था। श्री अग्रवालजी मेरी समस्याअें को सुनने के बाद मुझे एक रत्न जड़ीत चांदी की अंगुठी दिये। शुरूवात में मैं इसे सामान्य ही मानता रहा, लेकिन ३ दिन के भीतर ही मुझे इसका सकारात्मक और लाभदायक असर दिखने लगा, लेकिन दुर्भाग्यवश अगस्त ०९ में मेरी यह अंगुठी अचानक कहीं गुम हो गई, अंगुठी के गुम होते ही दुखद और कष्टदायक परिणाम सामने आने लगे। आज दिनांक १४.९.०९ को मैं दोबारा अग्रवालजी के पास इस उम्मीद से आया हूं, कि मेरे पुराने दिन वापस लौट आये।धन्यवाद!
दिनांक १४.९.०९
सुशील सोनी
सहारा समय सवांददाता दुर्ग
मो. ९८२७१६९९८६

व्यापार में तुरंत इंकम होती है

मैं बिकास कुमार अग्रवाल रहने वाला सीमलीगुडा से मेरी राशि मिथुन है, जब से मैंने ये अंगुठी बनवाई, गोमेद की उस दिन के बाद मुझे कहीं पर भी जाने से घबराहट नहीं हुई, चाहे अपने गांव में या बाहर, किसी शहर में भी। पहले ही दिन में मुझे करीबन २५०० का मुनाफा भी हुआ और मुझे यकिन हो गया कि ये अंगूठी मेरे लिये लाभदायक है। अंगुठी पहनने के पहले खरीदी नहीं कर पाता था, खबराहट होती थी, जो अब बिल्कुल ठीक हो गयी है। अब बेधड़क खरीद पाता हूं
दिनांक १४।९.०९
बिकास कुमार अग्रवाल
सीमलीगुड़ा
जिला कोरापुट
उड़ीसा
मो. ९४३७७८८७४०

रत्न और मंत्र प्रमोशन दिलाते हैं

मैं श्रीकान्त मोरेश्वर अम्बलकर आर.आई.टी.एस. एलटीडी, में मैनेजर के पद पर कार्यरत था तथा मैंने अपनी ऊंगली में माणीक रत्न धारण किया हुआ था तभी मेरा प्रमोशन का आया तब मैं श्री अग्रवालजी के पास सिद्ध रूद्राक्ष से जांच करवाने आया मेरा अग्रवालजी पर पूरा विश्वास और श्रद्धा थी। अग्रवालजी ने सिद्ध रूद्राक्ष से जांचकर मुझे माणीक उतारने की और गोमेद पहनने की सलाह दी तथा साथ ही मुझे एक मंत्र भी दिन में ११ बार जाप करने के लिए दिया। मैंने पूरी श्रद्धा के साथ अग्रवालजी के निर्देशानुसार गोमेद धारण किया तथा इंटरव्यू तक अग्रवालजी द्वारा दिया गया मंत्र जाप करता रहा। ईश्वर की कृपा हुई व मेरा प्रमोशन डिप्टी जनरल मेनेजर सिविल के रूप् में हो गया। आज मैं अग्रवालजी का आभारी हूं तथा सिद्ध रूद्राक्ष पर मेरा श्रद्धा और भी बढ़ गई है। शुभम् अस्तु!

दिनांक ११.९.०९
श्रीकान्त मोरेश्वर अम्ब्लकर
डिप्टी जनरल मेनेजर सिविल
६एफ/स्ट्रीट ३/से. १०
भिलाई छ.ग.
मो. ९४२४१२२१६३

पारिवारिक सुख और शांति मिलती है

मैं विजय विश्वकर्मा शंकरनगर निवासी पेशे से फर्निचर ठेकेदार हूं।मैं अग्रवालजी के पास आने के पहले कई ज्योतिष के पास जाकर पांच प्रकार के बहुमूल्य रत्न पहना था, फिर भी मुझे किसी प्रकार की राहत नहीं हुई, बल्कि मुझे मानसिक राहत नहीं हुई बल्कि मुझे मानसिक परेशानी व कार्यों में बाधाऐं आने लगी।मैं आदरणीय अग्रवालजी से सम्पर्क किया, अग्रवालजी ने हमारे पहने हुए किमती रत्नों की जांच की व उससे पड़ने वाले प्रभावों को हमारे शरीर से जोड़ कर देखा तो सभी रत्न नकारात्मक प्रभाव दे रहे थे, अग्रवालजी के निर्देशानुसार मैंने सभी रत्न उतार दिया व उनके द्वारा रूद्राक्ष से चेक कर मुझे एक ख्रत्न फिरोजा पहनाया आज फिरोजा पहने मुझे तीन महीने हो गया है, मेरा व्यापार कि स्थिति बहुत अच्छी हो गई है व मेरा बात-बात में टेन्सन,गुस्सा भी जाता रहा। मुझे आदरणीय अग्रवालजी से सम्पर्क होने के बाद मेरे व्यापारिक व मानसिक कष्टों का निवारण हो गया, अब मैं एक शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा हूं मैं आदरणीय अग्रवालजी का तहेदील से आभारी हॅंू कि वे मेरी सभी समस्याओं से निवारण किया।मेैं यह पत्र अगुंठी पहनने के तीन माह बाद लिख रहा हॅूं, मैं अग्रवालजी के निराकरण से संतुष्ट हॅंूधन्यवाद!

दिनांक १०.९.०९
विजय 0विश्वकर्मा
बौद्धबिहार रोड शंकरनगर,दुर्ग
छ.ग.
मो. ९३२९७६५२२२
रेसी. ०७८८२३१५१४






सपनों से मुक्ति

मैं ज्योति चौहान मुझे सपना बहुत आता था, तो मैंने राधाकिशन मॉल के यहां से अंगूठी बनवाई, जिससे मुझे बहुत फायदा हुआ। मुझे सपना नहीं आता है। और मैंने बहुत सेटीसफेशन फील किया है।

दिनांक १५.८.०९
ज्योति चौहान
भगतसिंग चौक
सुपेला भिलाई
मो. ९३००५३३०३७

प्रेतात्मा के बलात्कार से छुटकारा मिलता है

मैं रजिया बेगम, साकीन ग्रीन चौक दुर्ग दिनांक २२.७.०९ को नरेंद्र कुमारजी अग्रवालजी के पास आयी थी। मुझे करीब डेढ़ साल से रात में सोने के बाद ऐसा लगता था, जैसे कोई मेरे साथ बलात्कार कर रहा है और यह कार्य मेरे साथ दो से तीन घंटे तक होता था। यह दो-तीन दिन में एक बार होता था। इससे मेरी हालत बहुत बिगड़ जाती थी। दोनों पैरों में भयंकर दर्द हो जाता था। करीब तीन माह से मैं रोज रात में नींद की गोली लेती थी, फिर भी नींद नहीं आती थी। दिमाक में बहुत टेंशन हो गया था। मैं कई बैगा डाक्टरों का इलाज कराके थक गई, मुझे कोई आराम नहीं हुआ। श्री अग्रवालजी के पास २२.७.०९ को जांच कराई, फिर जैसा करने को कहे, वैसा की, उस दिन के बाद से मुझे रात में भारी लगना व कष्ट होना बंद हो गया। अब मैं उसी दिन से नींद की गोली खाना बंद कर दी, फिर भी अच्छी नींद आ रही है। टेंशन भी खत्म हो गया, हल्का लगने लगा। शरीर तथा पैरों का दर्द भी बहुत कम हो गया। मेरा इलाज नि:शुल्क किया गया। मैं बहुत आभारी हॅूं। बलात्कार के समय कौर कर रहा है, दिखता नहींथा। उसकी जकड़न इतनी मजबुत थी कि मैं चाहकर भी नहीं उठ सकती थी।

दिनांक ४।८.०९

रजिया बेगम

टोना टोटका का असर दूर होता है

आज से करीब ढाई माह पूर्व मैं नरेंद्र कुमार अग्रवालजी के पास आया था। उस समय मैं अपने कान में एक बाली पहनता था जो कि एडी लगी हुई थी। काफी दिनों से मुझे सुबह घर से काम में निकलने के लिए तैयार हो जाता था वैसे ही प्राय: ऐसा कुछ हो जाता था कि पत्नि के साथ झगड़ा हो जाता था या कभी कोई बात ऐसी हो जाती थी, जिससे मेरा मूड एकदम खराब हो जाता और दो-दो, तीन-तीन दिन काम पर नहीं जाता था, पत्नि भी छोड़कर चली गई थी मैं बहुत विचलित एवं दुखी रहता श्री अग्रवालजी से जांच करवाने पर अग्रवाजी ने मुझे बाली निकालने की सलाह दी तथा उन्होनें यह भी कहा कि मुझे झाड़-फुक की भी जरूरत है। मैंने बाली उतार दिया और अग्रवालजी के बताये पते पर दिवानजी से मिला और उनसे अपनी परेशानी बताये और झाड़फुक कराया और उसी दिन से मैं बिल्कुल अच्छा हो गया और मेरी पत्नि और बच्चे एक ही सप्ताह में वापस आ गये, तब से अभी तक मेरा सब कुछ ठीक हो गया। मेरा इलाज दोनों जगह बिल्कुल मुप्त में हुआ है। मैं श्री अग्रवाल जी और श्री दिवानजी का बहुत आभारी हॅूं और आभारी रहुंगा। यह मेरे लिए बहुेत बड़ा चमत्कार साबित हुआ है।
दिनांक १.८.०९
राजेशकुमार यादव
महावीर कॉलोनी के पीछे
बैजनाथपारा दुर्ग
९३०११३३५२३

एक ही दिन में स्वास्थ्य में सुधार

मैं कीर्ति पीड़ीयार दिनांक १७.७.०९ को श्री नरेन्द्र अग्रवालजी से जांच कराने आई थी। उस समय मुझे काफी लंबे समय से शारीरिक कष्ट जैसे एसीडीटी व नाभि से लेकर गले तक अजीब सी तकलीफ होती थी तथा कार्य में असफलता होना एवं मन अशांत रहतेे हुए डावाडोल कान्फीडेंस होता था रात में नींद भी ठीक से नहीं आती थी। शारीरिक कष्ट भी बहुत था। बार-बार दुर्घटना से चोट भी आती थी। जांच उपरान्त अग्रवाजी द्वाराएक गोमेद की अंगुटी पहनने की सलाह दी गयी इसके बाद शाम को मैं डॉ.इशर के यहां जांच करने गयी उन्होंने जांच करके बताया कि आप सुबह हास्पीटल में आकर एन्उोस्कोपी कर लेवें। मैं रात में अग्रवालजी के बताये अनुसार अंगूठी एक ताबीज धारण करली। धारण करने के बाद मुझे रात में नींद बहुत आयी तथा सोने के पहले तकलीफ भी कुछ कम होना महसूस हुआ।तक काफी तकलीफ कम हो गयी फिर भी डॉ के निर्देशानुसार मैं हास्पिटल गयी और डॉ से पुन:चेक करवायी तो वही डॉ ने कहा अब एन्उोस्कोपी की जरूरत नहीं सिर्फ दवा खाइये। इस प्रकार से एक ही रात में आश्चर्यजनक चमत्कार हुआ अनेकों समस्याओं में सुधार हुआ शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ हूं, इसलिए अंकलजी की सदा आभारी रहॅूंगी।

दिनांक १.८.०९
कीर्ति पीड़ीयार
महावीर कालोनी
मकान नं.-६९

मासिक धर्म की पीड़ा भी दूर होती है

कु.दुर्गेश्वरी पाल,जयन्ती नगर सिकोलाभांठा दुर्ग काफी परेशान रहती थी, पिरेड के समय बिस्तर से उठ नहीं पाती थी, मेरे पैर में काफी दर्द होता था।श्री अग्रवालजी से जांच करवाया और अपनी तकलीफ बतायी तो उन्होनें मुझे एक ताबीज बना कर दिया, जिसे मैंने धारण किया, जिसे पहनने से पेट दर्द व पैर की तकलीफ के लिए एक उपाय बताये समय आने पर मैंने उपाय भी किया दोनों कार्य से मुझे एक सप्ताह के अन्दर ही ८५ प्रतिशत फायदा हो गया मेरी जांच अग्रवाल जी द्वारा मुफत में ही किया गया।
दिनांक २९.७.०९
दुर्गेश्वरी पाल
जयन्तीनगर,
सिकोलाभांठा दुर्ग
९७५२३८९०११

बी.पी.सुगर बीमारी भी कंट्रोल होते हैं

आदरणीय अग्रवालजी सादर प्रणाम!
मैं आपके बारे में टी.वी. माध्यम के द्वारा देखा था और मैं आपके पास चली आयी। मुझे बी.पी.,सुगर बीमारी से ग्रसित थी और एलोपेथिक दवाईयों का सेवन करती थी, पर इनके पास आने के बाद मैं अपनी समस्या बताई इन्होनंे अच्छी तरह से जांच पड़ताल करके इन्होंने एक रूद्राक्ष पहनने को दिया था और इसमें काफी सुधार हुआ। रूद्राक्ष पहनने के बाद मेरा बी.पी.सुगर काफी कम हो गया और काफी संतुष्ट व खुश हॅूं भविष्य में कोई समस्या होगी तो अग्रवालजी के पास अवश्य ही आउंगी मैंने पहले जो रत्न धारण किया उसे निकाल दिया अब बिना रत्न धारण किये मैं बिल्कुल ठीक हूं, यह सब ईश्वर की कृपा है, और आपका आर्शीवाद! अब मैं बिल्कुल नार्मल हॅूं। ईश्वर की कृपा आप पर एवं हम सभी पर हमेशा बनी रहे। मैं आपको तहदील से धन्यवाद देती हॅूं। हमेशा आपका आभारी रहुगीं।
धन्यवाद!
दिनांक २५.६.०९
श्रीमती एम हिम्यावती
क्वा.१५ए,स्ट्रीट-२,सें.-१
भिलाई
९४२४१२०१११

तलाक केश विड्रा होते हैं

मैं विनोद तिवारी भिलाई से, श्री नरेन्द्र अग्रवालजी की तारीफ सुनकर दिनांक २८.११.०८को रूद्राक्ष द्वारा जांच कराने आया था। उस समय मैं टोपाज,नाल रिंग तथा वृषभ राशि यंत्र धारण किया हुआ था। इन दिनों मेरा पत्नि के साथ कोर्ट में तलाक का मुकदमा केश चल रहा था तथा मैं बेरोजगार भी था। किसी भी काम में हाथ डालने पर मुझे नुकसान ही होता था।जांच उपरान्त श्री अग्रवालजी ने पूर्व में धारण किये गये सभी रत्न को निकलवा दिया तथा एक नग जिसे ए।डी. कहते है उसे नरेन्द्र बाबुजी ने चांदी के अंगुठी में धारण करवाया। ये अंगुठी मुझे मात्र चार सौ में पड़ी उसी दिन मैं शाम को मैं अपनी पत्नि श्रीमती कन्चन तिवारी को भी अग्रवालजी के पास ले गया। मेरी पत्नि जांचके पूर्व गोमेद,ओनेक्स,नाल रिंग,मोती का बाला,मेटल की चुड़ी पहने हुये थी। जिन्हें उतारकर एक छोटा सा पुखराज की अगुंठी धारण करवाये। दिनांक २९.११.०८ की रात पत्नि द्वारा अंगुठी धारण की गई। सुबह ४:०० बजे हम दोनों उठ जाते हैं, यह प्रात:काल की बेला चमत्कारी थी। १३ वर्षों में पत्नि ने मुझे पहलीबार ४:३३ बजे गुड मार्निंग कही। इसी समय से हम दोनों के संबंध होते गये। दिनांक ३०.१२.०८ को कोट मे पेशी थी। इसमें पत्नि ने केश वापस लेकर प्रकरण समाप्त करा दिया। इसी बीच मुझे अच्छी सेलरीयुक्त नौकरी मिल गई और हम बाल बच्चों सहित पूर्ण सुखी हैं।

कंचन तिवारी
दिनांक १६.१.०९
विनोद तिवारी
स्ट्रीट-३३,ब्लॉक-३,
क्वा.एम,से.-६,भिलाई




रत्न कैसे संवारते हैं सेहत

आदरणीय ज्योतिमषाचार्य श्री अग्रवालजी,
सादर प्रणाम.... आपके पास मैं अचानक यूं ही शौकियातौर पर पुखराज धारण करना है यह सोचकर आया था,न ही उसके गुणेदोष जाने, या यूं कहे कि हमारे पंचतत्व से निर्मित शरीर में कौन सा ग्रह या रत्न प्राकृतिक विपत्तियों से बचाव एवं सुख समृद्धि की इच्छा सर्वव्यापी है।आपके हस्तरेखा जांच उपरान्त मैंने जाना कि रत्न है तो सब कुछ है, ग्रह और उनके प्रभावित क्षेत्र क्या हैं? कौन सा रत्न कब धारण करें? रत्न का परीक्षण,रत्न शुभ अशुभ की जांच रत्न कैसे संवारते है, सेहत-आपका ओजस्वी मार्गदर्शन की अभी बहुतों को आवश्यकता है।इस मोती को देखते ही प्रशन्नता का आभास होता है। मेरा मन चंद्रमा की स्वच्छ किरणों की तरह निर्मल व उज्वल का हमेशा एहसास दिलाता है। जो मेरे मन को सदैव सद्बुद्धि प्रदान करता रहेगा।
``ऊूं सौं सोमाय नम:``
दिनांक २२.६.०८
दुर्गा प्रसाद रावत
शिक्षा विभाग उरला दुर्ग
९९९३८४३३६७
९८९३२७४६६९



आत्महत्या का इरादा बदलकर जीने की तमन्ना बढ़ाता है।

आदरणीय अग्रवालजी के पास लगभग -१ माह पूर्व आया था। परेशानी भी व्यापारिक और व्यवहारिक दोनों ही तरह की। व्यापार में सपोर्ट नहीं मिल रहा था और घरेलू माहोल अशांत था। सच कहूं तो आत्महत्या को मन बनने लगा। पुराने गढ़े मुर्दे उखड़ने लगे थे। लोग यह जानते हुये भी कि कुछ भी नहीं है, परेशान करते थे। आज लगभग-१ माह से आ.अग्रवालजी से परामर्श लेनेके बाद सुधार होने लगा। व्यापार में लोगों का सपोर्ट मिलने लगा है। पारिवारिक स्थिति में भी शांति एवं सुधार है। अन्दर से थोड़ी भी महसूस कर रहा हूं।आ.अग्रवालजी हृद्य से बारम्बार आपको सादर धन्यवाद। आपको सादर नमन करता हूं।
दिनांक ८.६.०८
रानीदास भुतड़ा
३/६ रिषभनगर दुर्ग
९३०२८३४०२८
३२०२५२४

रात के सपने समाप्त व आत्मविश्वास में वृद्धि

आदरणीय अग्रवालजी के पास लगभग १ माह पूर्व आया था। परेशानी भी व्यापारिक और व्यवहारिक दोनों ही तरह थी। व्यापार में सपोर्ट नहीं मिल रहा था और घरेलू माहोल अशांत था। सच कहुं तो आत्महत्या को मन बनने लगा। पुराने गडे मुर्दे उखड़ने लगे थे। लोग यह जानते हुये भी कि कुछ भी नहीं है, परेशान करते थे। आज लगभग १ माह से अग्रवालजी से परामर्श लेने के बाद सुधार होने लगा। व्यापार में लोगों का सपोर्ट मिलने लगा। परिवारिक स्थिति में भी शांति एवं सुधार है । अग्रवालजी जी को हृद्य से बारम्बार सादर धन्यवाद, आपको सादर नमन करता हुं।
दिनांक १६।५।०८

अविनाश सिंह
४बी/५१/सें.-०८
९८२६१९८७१३

उचित रत्न धारण से पढ़ाई में मन लगता है

मेरा नाम शौरभ है। रत्न धारण करने से पहले मुझे बहुत सी तकलीफें थी, जिनमें से सबसे बड़ी थी मेरी पढ़ाई में मन न लगना और हर रात सपने आना, इन्हीं तकलीफों के कारण मेरी मां ने मुझे रत्न धारण करने के लिए कहा, फिर एक हप्ते के बाद ही हम लोग भिलाई में एक ज्योतिष के पास गये, जिन्होंने मुझे पुखराज पहनने की सलाह दी, परन्तु जब मेरा और मां का मन बदला और हम यहां रत्न धारण में आए तो यहां के ज्योतिष के अनुसार ''पुखराज मेरे लिए हानिकारक साबित हो सकता था और उनकी सलाह के अनुसार मैंने मोती रत्न धारण किया। जिससे मुझे दूसरे ही दिन से बहुत आराम मिला और मेरी कई तकलीफें जैसे हाथों से पसीना निकलना, पढ़ाई में मन न लगना, हर रात सपने आना आदि तकलीफों से छुटकारा प्राप्त हुआ, जिससे मेरा जीवन अब सुख से व्यतीत हो रहा है। इस आभार के लिए ज्यातिष नरेन्द्र अग्रवाल अंकलजी को अपने पूरे जीवन में कभी नहीं भूल पाऊॅंगा।

दिनांक २६.४.२००८
शौरभ बारसागड़े
ए-५८ के सामने,
कर्मचारी नगर,दुर्ग

Sunday, September 14, 2008

समान राशि पर समान रत्न धारण अनुचित

एक ही राशि के संसार में जितने भी व्यक्ति हैं, वे बच्चे कुमार,युवा एवं वृद्ध तथा स्त्री या पुरूष ही क्यों न हो सबके ग्रहों की स्थिति एक ही प्रकार की नहीं होती। एक ही राशि के प्रत्येक व्यक्ति की ग्रहों की स्थिति के अनुसार उन व्यक्तियों की स्थिति एवं परिस्थितियों में भिन्नता होती हैं। एक ही राशि के सभी व्यक्तियों के लिए शनि ढइया हो या साड़ेसाती हो, खराब नहीं होती। किसी के लिए खराब होती है, तो किसी के लिए मध्यम खराब होती है, तो किसी के लिए बहुत खराब होती हैं, ठीक इसी प्रकार किसी के लिए थोड़ी ठीक होती है, तो किसी के लिए मध्यम ठीक होती है, तो किसी के लिए बहुत ठीक होती है। उदाहरण के लिए शनि ग्रह को लिया गया है क्योंकि जब किसी पर कष्ट आता है तब उसे ऐसा महसूस होता है कि उसे शनि ही परेशान कर रहा है क्योंकि शनि के प्रति इस प्रकार की धारण आम व्यक्ति के मन में बनी है, जबकि ऐसा नहीं है। शनि ग्रह देने वालों को क्या-क्या नहीं देते दुनिया के सुख ठाट-बाट, राजपाट आदि शान शौहरत व्यवसाय एवं उद्योग आदि सभी देते हैं। इतना सब कुछ देने के बाद भी शनि के प्रति अच्छी धारणा अधिकतर व्यक्तियों के मन में नहीं होती। शनि का नाम बदनाम की श्रेणी में अधिक है,जो कि अनुचित है। शनि के अलावा अन्य कुछ ग्रह और भी हैं जो मनुष्य को अनेकों प्रकार के कष्ट या अनेकों प्रकार की सुख संपदा दे सकते हैं।
जिनकी कुण्डली है उसमें इन सभी की स्थिति भली-भांति देखी जा सकती है जिनकी कण्डली नहीं है उनकी हस्तरेखा से भी ग्रहों की स्थिति देखी जा सकती है और एकदम सहीं स्थिति दिव्य रूद्राक्ष से जांच करके देखी जा सकती है। दिव्य रूद्राक्ष द्वारा जांच दुर्लभ जैसी है।
अत: एक ही राशि के व्यक्ति के लिए की गई आम घोषणा या व्यापारिक विज्ञापन या फलित राशि फल के अनुसार रत्न को धारण करना अनुचित होगा। रत्न धारण के पूर्व विद्ववानों से परामर्श लेकर ही रत्न धारण करना चाहिए। जिस व्यक्ति की कुण्डली नहीं हैं, उन्हें तो विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए। हर किसी के कह देने से कोई रत्न धारण नहीं करना चाहिए। हमारा कहना है कि धारक अपनी सुझ-बुझ से ही समझ कर यदि रत्न धारण करें तो ही उचित फल प्राप्त कर सकता है नहीं तो करोड़पति के बजाए रोड़पति भी बन सकता है, एक ही राशि के कई व्यक्तियों की एक ही दिन में या एक सप्ताह में दिव्य रूद्राक्ष द्वारा जांच की गई और उन्हें अलग-अलग रत्न धारण कराये गये और परिणाम स्वरूप सभी के रिजल्ट पाजेटिव प्राप्त हुयें। यह जांच प्रेक्टिकल हैं, कोई मनगढ़त कहानी नहीं है। इस जांच के माध्यम से धारण कराये गये रत्नों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता यह ९९ प्रतिशत सफल जांच है तथा परिणाम भी सफल है।

Saturday, September 6, 2008

व्यापार में तरक्की एवं कर्ज मुक्ति में सुधार

सिर्फ एक माह में

आदरणीय अग्रवाल जी के पास लगभग एक माह पूर्व आया था। परेशानी भी व्यापारिक और व्यवहारिक दोनों ही तरह की।
व्यापार में सपोर्ट नहीं मिल रहा था और घरेलू माहोल अशांत था। सच कहूं तो आत्महत्या को मन बनने लगा था। पुराने गड़े मुर्दे उखड़ने लगे थे। लोग यह जानते हुये भी कि कुछ भी नहीं है, परेशान करते थे।
आज लगभग-१माह से आदरणीय अग्रवाल जी से परामर्श लेने के बाद सुधार होने लगा। व्यापार में लोगों का सपोर्ट मिलने लगा। पारिवारिक स्थिति में भी शांति एवं सुधार है। अन्दर से थोड़ी स्टेमना
भी महसूस कर रहा हूँ।
आदरणीय अग्रवाल जी, हृद्य से बारम्बार आपको सादर धन्यवाद। आपको सादर नमन करता हूँ ।
रानीदान भूतडा
३/६ ऋषभ नगर,
दुर्ग
९३०२८३४०२८